लोमड़ी की मजेदार कहानियां | बच्चों की कहानियां | हिंदी कहानियां

lomdi ki mjedar kahaniyan- bacchon ki kahaniyan
लोमड़ी की मजेदार कहानियां | बच्चों की कहानियां

 

लोमड़ी की मजेदार कहानियां | बच्चों की कहानियां | हिंदी कहानियां

 

1. लालची लोमड़ी की कहानी | लोमड़ी की मजेदार कहानियां

 

गर्मी के दिन थे। एक लोमड़ी को बहुत भूख लग रही थी। वह जंगल से समुद्र के किनारे की ओर आई और इधर-उधर भोजन की तलाश करने लगी । उसे कही पर भी खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा था। वह भूख से परेशान हो रही थी और भूख के कारण उसके शरीर में शक्ति भी नहीं बची थी ।

 

तभी अचानक उसकी नजर एक केकड़े पर पड़ी । लोमड़ी ने जल्दी से उस केकड़े को पकड़ लिया और सोचा की, हालाँकि इस केकड़े से पेट तो नहीं भरेगा, लेकिन पेट को कुछ तो आराम मिलेगा और यह सोच कर लोमड़ी केकड़े को खाने ही वाली थी ।

 

लोमड़ी की मजेदार कहानियां | बच्चों की कहानियां | हिंदी कहानियां

 

इतने में लोमड़ी की नजर दूर एक खरगोश पर पड़ी, खरगोश को देखते ही लोमड़ी में मन में लालच आ गया और लोमड़ी ने सोचा की जब इतना बड़ा नरम मुलायम मांस का खरगोश उसके सामने खाने के लिए आ चूका है तो इस केकड़े से मुंह क्यों ख़राब करू और यह सोचकर लोमड़ी ने उस केकड़े को जाने दिया और खरगोश की और दौड़ी और झाड़ी में खरगोश को खोजने लगी लेकिन लोमड़ी को खरगोश नहीं मिला ।

 

आख़िरकार हार कर लोमड़ी वापिस केकड़े की और आई तो देखा की केकड़ा भी पानी के अन्दर जा चूका है लोमड़ी ने लालच के कारण दोनों को ही खो दिया और भूखी रह गयी ।

 

नैतिक शिक्षा :- लालच बुरी बला है ।

 

 

2. लोमड़ी और बकरी की कहानी | लोमड़ी की मजेदार कहानियां

 

एक बार एक घने जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक सुबह उसे भूख लग रही थी। उसने देखा कि घास के मैदान की चोटी पर एक बकरी चर रही है। यह एक नुकीली चट्टान के ऊपर का हिस्सा था, जहाँ लोमड़ी संभवतः उस तक नहीं पहुँच सकती थी।

 

लोमड़ी ने बकरी से कहा मेरी प्रिय बकरी, यह जगह तुम्हारे लिए बहुत खतरनाक है। कृपया उस जगह से नीचे आ जाइए । उसने बकरी की सुरक्षा के बारे में बहुत चिंतित होने का नाटक करते हुए बकरी को बड़े प्यार से पुकारा। और कहा की,  क्या होगा अगर आप गिर गई

 

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कृपया मेरी बात सुनें और नीचे आएं ! आप यहां इस समतल मैदान के कोने में बेहतरीन, कोमल हरी घास प्राप्त कर सकती हैं। और आप यही पास में नदी के बहती हुई स्वच्छ जल के धारा में से पानी पी सकती हैं।

 

और मैं तुम्हें नीचे आने में मदद कर सकती हूँ और यंहा पर में तुम्हारी जंगली जानवरों से रक्षा भी कर सकती हूँ ।

 

बकरी ने चट्टान के किनारे को देखा। बकरी ने कहा कि, हे प्रिय लोमड़ी, तुम मेरे बारे में कितनी चिंतित हो। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि आप बड़ी ही दयालु है और मुझ पर बहुत मेहरबान हैं।

 

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लेकिन अगर आपको प्यास लगी है तो कृपया आप जाकर इस स्वच्छ धारा से पानी पीएं। लेकिन मैं आपको जानती हूँ ! आप मेरे बारे ने नहीं अपनी भूख में बारे में चिंतित है मेरी आपको कोई चिंता नहीं है !

 

लेकिन फिर भी आपका बहुत बहुत धन्यवाद। मेरे पास यहाँ पर्याप्त भोजन है और मैं वहाँ नहीं आउंगी । मेरा मालिक अपने बड़े कुत्ते के साथ आ रहा है इसलिए मैं उसका इंतजार कर रही हूं। लोमड़ी कुत्ते का नाम सुनते ही कुत्तों के डर से उस जगह से भाग गई।

 

नैतिक शिक्षा :- स्वार्थ से प्रेरित निमंत्रण स्वीकार नहीं करना चाहिए।

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