कौआ, तोता और कबूतर की कहानी

kouaa, tota aur kabutar ki kahani
तोता और कबूतर की कहानी

 

कौआ, तोता और कबूतर की कहानी

 

दोस्तों आज की हम एक मजेदार कौआ, तोता और कबूतर की कहानी सुनेगे दोस्तों इस कहानी से हमे सीख मिलेगी की ईश्वर ने सब को अलग अलग रंग, रूप, गुण दिए है हमे दुसरे के रंग, रूप, गुण का सम्मान करना चाहिए । 

 

बहुत समय पहले की बात है एक बार एक तोता था जिसे जंगल के चारों ओर उड़ना पसंद था। तोते को दुसरे जानवरों को मजेदार कहानियां सुनाना और उनसे बात करना बहुत पसंद था ।

 

एक दिन एक सफेद कबूतर कही से उड़ता उड़ता उस जंगल में आया। कबूतर इस जंगल में नया था और जंगल में किसी को नहीं जानता था। कबूतर एक पेड़ पर आकर बेठा उसी पेड़ पर वही तोता बेठा था ।

 

तोते ने उस कबूतर को देखा और सोचा की मैं इस नए अजीब पक्षी से बात करूंगा। तोता उड़कर कबूतर जिस पेड़ की डाली पर बेठा था उस पर आकर बेठ गया । तोते ने कबूतर से कहा "नमस्ते, नये पक्षी, तुम किस प्रकार के पक्षी हो ?

 

तोता और कबूतर की कहानी

 

सफेद कबूतर ने उत्तर दिया "मैं कबूतर हूं ! और मैं सफेद और बहुत सुंदर हूं।

 

तोते ने जवाब दिया: मैं भी सुंदर हूं। मेरे हरे पंखों को देखो ! सभी मुझे दूर से देख सकते हैं। और फिर मैं बातूनी और मजाकिया भी हूँ। जब मैं जानवरों को अच्छी अच्छी कहानियाँ सुनाता हूँ तो दूसरे जानवर हँसने लगते हैं और बहुत खुश होते है ।

 

जब तोता और कबूतर पेड़ की डाल पर बेठे बात कर रहे थे तभी एक और पक्षी उड़कर उस डाल पर आकर बेठ गया । यह एक काला कौवा था जिसने अभी कुछ देर पहले ही एक कीड़ा खाया था काला कौआ तोता और कबूतर के बातें सुन रहा था ।

 

काले कौए ने तोते से कहा, तुम कितने हरे हो…! क्या तुम बीमार हो ? आपको कौनसी बीमारी हुई है ?

 

कौआ, तोता और कबूतर की कहानी

 

इस पर तोते ने कौए से कहा, मैं बीमार नहीं हूँ। मैं एक हरे रंग के पक्षी के रूप में पैदा हुआ था, क्योंकि मैं एक तोता हूं। और तोते हरे होते हैं।

 

तब कबूतर ने कौए से कहा, मुझे देखो, मैं कितना सफ़ेद हूँ। मेरे पास तोते और कौए जेसा कोई रंग नहीं है ईश्वर ने तुम्हे रंग दिए है और मुझे कोई रंग नहीं दिया लेकिन में आप जेसे रंगीन पक्षियों को देख कर बहुत खुश होता हूँ ।

 

कौए ने कहा सही कह रहे हो दोस्त ईश्वर ने हम सभी को अलग अलग रंग और गुण दिए है तुम्हे कोई रंग नहीं दिया फिर भी सभी तुम से कितना प्यार करते है ।

 

तोता और कबूतर की कहानी

 

तोते ने कहा दोस्तों हमे हमारे रंगों और गुणों पर घमंड नहीं करना चाहिए ईश्वर ने किसी को रंग दिया किसी को गुण दिया सबकी अपनी अपनी खूबियाँ है ।

 

शिक्षा :- हमे हमारे रंग, रूप, गुणों पर घमंड नहीं करना चाहिए । ईश्वर ने सब को अलग अलग रंग, रूप, गुण दिए है हमे दुसरे के रंग, रूप, गुण का सम्मान करना चाहिए ।

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