समुंदरी चुडेल और नन्ही रतन जल परी की कहानी

nanhi ratan jal pari ki kahani
नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

समुंदरी चुडेल और नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

बहुत समय पहले की बात है समुन्द्र के बीचो बीच गहराई में एक राजा का महल था उस महल में राजा और उसकी दो बेटियां रहती थी राजा की सबसे बड़ी बेटी का नाम चमन जल परी और उससे छोटी का नाम रतन जल परी था

 

रतन जल परी बहुत ही सुन्दर थी और उसकी आवाज बहुत ही खुबसूरत और मनमोहक थी जब भी रतन जल परी गाना गाती समुन्द्र के सारे जीव खुश हो जाते थे

 

समुंदरी चुडेल और नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

रतन जल परी समुन्द्र के उपरी सतह पर आकर लहरों के साथ तेरना चाहती थी मगर यह नियम था की कोई भी परी 15 वर्ष की होने से पहले समुन्द्र की उपरी सतह पर नहीं जा सकती है

 

आज वो दिन था जब रतन जल परी की बड़ी बहन 15 वर्ष की होने वाली थी इस कारण चमन जल परी बहुत खुश थी की आज वह समुन्द्र की उपरी सतह पर जाकर लहरों के साथ तेरेगी और समुन्द्र के उपरी सतह से वह आसमान को भी देखेगी

 

नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

चमन जल परी का इंतजार खत्म हुवा अब वह समुन्द्र की उपरी सतह पर जाकर लहरों के साथ तेर सकती थी चमन जल परी बिना इन्तेजार किये समुन्द्र की उपरी सतह पर आ गयी और लहरों के साथ तेरना शुरू किया चमन परी ने डूबते हुए सूरज को देखा और बड़े बड़े जहाज को समुन्द्र की उपरी सतह पर तेरते देखा

 

चमन जल परी कई देर तेरने के बाद वापस समुन्द्र में अपने राज्य में गयी और उसने सबको नीले आसमान और बादलों पहाड़ो और बड़े बड़े जहाजों के बारे में बताया आज चमन जल परी बहुत खुश थी

 

रतन जल परी ने भी अपनी बड़ी बहन से नीले आसमान और बादलों पहाड़ो और बड़े बड़े जहाजों के बारे में सुना अब रतन जल परी भी समुन्द्र की उपरी सतह पर जाकर लहरों के साथ तेरने को व्याकुल थी वह भी आसमान पहाड़ और बड़े बड़े जहाज देखना चाहती थी लेकिन अभी वह मात्र 14 वर्ष की थी उसे एक साल और इंतजार करना था 

 

समय बीतता गया और एक साल गुजर गया आज नन्ही रतन जल परी भी 15 वर्ष की हो चुकी थी और समुन्द्र की उपरी सतह पर जाकर लहरों के साथ तेरने के लिए रवाना हुई

 

रतन जल परी समुन्द्र भी उपरी सतह पर आकर लहरों के साथ तेर रही थी और दूर दूर दिखने वाले पहाड़ों को देख रही थी डूबते सूरज की किरणों से लहरों की चमक अलग ही लग रही थी बड़े बड़े जहाज समुन्द्र में तेर रहे थे इन सब को देखकर रतन जल परी बहुत खुश हुई

 

रतन जल परी ने देखा की एक जहाज पर पार्टी चल रही है जंहा बीच में एक लड़का खड़ा है जिसने मुकुट पहना है और उसके चारो और कई लोग खड़े है जो उसे जन्म दिन की बधाई दे रहे जहाज पर खूब नाच गाना चल रहे है सभी बहुत खुश है

 

इतने में शायद जहाज के नीचे कोई चट्टान टक्कर जाती है और जहाज टूट जाता है और सारे लोग डूबने लगने है रतन जल परी यह सब देख कर घबरा जाती है

 

रतन जल परी ने देखा की वह खुबसूरत राजकुमार भी डूब रहा है रतन जल परी जल्दी से उस राजकुमार के पास जाती है राजकुमार बेहोश हो चूका होता है राजकुमार की सुन्दर आँखों को देखकर रतन जल परी को राजकुमार से प्यार हो जाता है

 

रतन जल परी उसे अपनी बांहों में भरकर समुन्द्र के किनारे ले आती है और राजकुमार को होश में आने के लिए आवाज देती है इतनी मनमोहक आवाज सुनकर राजकुमार को होश आने वाला ही होता है इतने में राजकुमार के सेनिक राजकुमार को खोजते खोजते वंहा आ जाते है

 

सेनिकों को देखकर रतन जल परी छुप जाती है राजकुमार रतन जल परी को देख तो नहीं पाता लेकिन उसकी मनमोहक आवाज सुन लेता है और उसे उससे प्यार हो जाता है

 

रतन जल परी वापस समुन्द्र की गहराई में अपने राज्य में आ जाती है जंहा सभी उसका इंतजार कर रहे होते है लेकिन सभी देखते है की रतन जल परी बहुत दुखी है सभी उससे उसके दुखी होने का कारण पूछते है लेकिन रतन जल परी कुछ नहीं बताती है

 

नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

रतन जल परी की उदासी देख कर उसकी दादी उसके पास आती है और उसकी उदासी का कारण पूछती है तब रतन जल परी अपनी दादी को सारी बात बता देती है की उसे उस राजकुमार से प्यार हो गया है लेकिन वह जमीन पर नहीं रह सकती है क्योंकि उसके पैर नहीं है

 

रतन जल परी के बात सुनकर उसकी दादी कहती है की समुन्द्र के दुसरे किनारे पर एक समुंदरी चुडेल रहती है उसके पास काला जादू है अगर वो चाहे तो तुम्हारे पैर बना सकती है लेकिन वह बहुत खतरनाक और दुष्ट है इतना सुनते ही रतन परी जल्दी समुंदरी चुडेल के पास जाने के लिए रवाना हो जाती है

 

समुंदरी चुडेल के पास पहुंचकर रतन जल परी चुडेल से कहती है की मुझे एक राजकुमार से प्यार हो गया है और मुझे उससे विवाह करना है इसलिए मुझे जमीन पर रहना है और जमीन पर रहने के लिए मुझे पैर चाहिए

 

समुंदरी चुडेल रतन जल परी से कहती है की में तुम्हे पैर तो दे सकती हूँ लेकिन तुम्हे भी इसके बदले में मुझे कुछ देना होगा और साथ में एक शर्त भी होगी

 

रतन जल परी उससे कहती की तुम्हे जो चाहिए वो दे दूंगी और तुम्हारी हर शर्त मुझे मंजूर है तुम बस मुझे पैर दे दो

 

इस पर समुंदरी चुडेल कहती की मुझे तुम्हारी आवाज चाहिए और  अगर उस राजकुमार से किसी और राजकुमारी का विवाह हुआ तो उसके अगले दिन तुम्हारी मुत्यु हो जाएगी

 

रतन जल परी बिना कुछ सोचे हाँ भर देती है समुंदरी चुडेल रतन जल परी को एक बोतल देती है जिसमे हरा पानी भरा होता है

 

समुंदरी चुडेल रतन जल परी को उसे पिने के लिए कहती है रतन जल परी जल्दी से उस हरे पानी को पी लेती है उस हरे पानी को पीते ही रतन जल परी को बहुत तेज दर्द होता है और रतन जल परी बेहोश हो जाती है

 

कुछ समय बाद जब रतन जल परी को होश आता है तो वह समुन्द्र के किनारे पड़ी होती है वो अपनी पूंछ के तरफ देखती है लेकिन अब उसके पूंछ नहीं है पूंछ की जगह अब उसके इंसानों जेसे दो पांव है

 

रतन परी पांव देखकर बहुत खुश होती है लेकिन जब वह बोलने की कोशिश करती है तो बोल नहीं पाती है समुंदरी चुडेल के कहे अनुसार उसकी आवाज समुंदरी चुडेल ने ले ली थी  

 

इतने में वही राजकुमार वंहा आता है और देखता है की एक बहुत खुबसूरत लड़की समुन्द्र के किनारे पड़ी है राजकुमार उसकी मदद करता है और उसे अपने साथ महल में ले जाता है

 

राजकुमार रतन जल परी से उसका नाम पूछता है, लेकिन रतन जल परी बोल नहीं सकती, राजकुमार सोचता है की शायद समुन्द्र में डूबने से इसकी आवाज चली गयी, राजकुमार उसे अपनी दोस्त बना लेता है

 

राजकुमार रतन जल परी को कहता है की उसे एक लड़की से प्यार है लेकिन उसने उसे देखा नहीं है केवल उसकी आवाज सुनी है उस लड़की ने उसके समुन्द्र में डूबने से प्राण बचाए थे

 

रतन जल परी यह सब सुन रही थी उसकी आँखों में आंसू आ रहे थे वो राजकुमार को सब कुछ कहना चाहती थी लेकिन वो बोल नहीं सकती थी

 

रतन जल परी की कहानी

 

राजकुमार के माता पिता राजकुमार के पास आते है और उससे कहते है हमने तुम्हारे विवाह के लिए एक लड़की खोजी है तुम उससे एक बार मिल लो इस पर राजकुमार अपने माता पिता से कहता है की वह केवल उसी लड़की से विवाह करेगा जिसने उसके प्राण बचाए थे

 

राजकुमार के माता पिता राजकुमार को उससे मिलने के लिए जोर देते है तब राजकुमार उससे मिलने के लिए तेयार हो जाता है और वह अपनी दोस्त रतन जल परी को साथ लेकर उससे मिलने जाता है

 

राजकुमार उस राजकुमारी से मिलता है और जब वह राजकुमारी बोलती है तब राजकुमार उसकी मनमोहक आवाज सुनकर उससे प्यार करने लगता है रतन जल परी उस राजकुमारी को पहचान लेती है वो राजकुमारी की भेष में समुंदरी चुडेल थी जिसने उसकी पेरो के बदले आवाज ली थी

 

उधर रतन जल परी की बड़ी बहन और दादी, समुन्द्र के राजा के पास जाती है और सारी बात बताती है समुन्द्र का राजा जल्दी से अपनी बेटी रतन जल परी को बचाने के लिए समुंदरी चुडेल के पास जाता है

 

राजा समुंदरी चुडेल को कहता है की तूने मेरी बेटी को अपने जाल में फंसा लिया है अब वह उस राजकुमार को कुछ बता नहीं सकती है और तु उस राजकुमार से विवाह करके मेरी बेटी को मारना चाहती है तु मेरी बेटी को जीवन दान दे दे तुझे जो चाहिए में तुझे दूंगा

 

समुंदरी चुडेल राजा से कहती है की अगर तु मुझे राजा बना दे तो में तेरी बेटी के प्राण नहीं लुंगी इस पर राजा तेयार हो जाता है लेकिन धोखेबाज समुंदरी चुडेल समुन्द्र की राजा भी बन जाती है और दुसरे दिन उस राजकुमार से विवाह भी करने आ जाती है

 

समुंदरी चुडेल और नन्ही रतन जल परी की कहानी

 

राजकुमार का विवाह बड़े ही धूमधाम से समुन्द्र में एक बड़े जहाज पर आयोजित किया जाता है समुंदरी चुडेल और राजकुमार का विवाह होने ही वाला होता है इतने में रतन जल परी की बहन जहाज को एक  चट्टान से टकरा देती है राजकुमार यह सब देख लेता है

 

रतन जल परी की कहानी

 

राजकुमार उसे मारने के लिए एक खंजर फेंकता है लेकिन वो खंजर समुंदरी चुडेल के गले में लग जाता है समुंदरी चुडेल के गले में लगते ही उसकी आवाज चली जाती है और रतन जल परी की आवाज वापस आ जाती है

 

राजकुमार रतन जल परी की बहन को मारने वाला ही होता है इतने में  रतन जल परी बोलती है और राजकुमार को सारी सच्चाई बताती है राजकुमार उस दुष्ट और बेईमान चुडेल को जान से मार देता है

 

राजकुमार और रतन जल परी का विवाह हो जाता है और दोनों बड़ी ही ख़ुशी ख़ुशी महल में रहते है और समुन्द्र के राजा को उसका राज्य वापस मिल जाता है

 

शिक्षा :- दुष्ट और बेईमान लोगो से कभी भी मदद मत लो, दुष्ट लोग मदद के समय भी पहले अपना लाभ सोचते है 

 

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