11+ True Sad Love Stories With Moral In Hindi [ लव स्टोरी ]

11+ True Sad Love Stories With Moral In Hindi
11+ True Sad Love Stories With Moral In Hindi

 

11+ True Sad Love Stories With Moral In Hindi लव स्टोरी

 

गुस्से के बाद सिर्फ पश्तावा मिलता है |  True Sad Love Stories With Moral In Hindi | लव स्टोरी | Hindi Kahaniya

 

एक आदमी अपनी नई कार को पॉलिश कर रहा था, उसके 6 साल के बेटे ने एक पत्थर उठाया और कार के बम्पर पर पत्थर से कुछ खरोचे लगा दी । गुस्से में उस आदमी ने बच्चे का हाथ पकड़ कर बच्चे को सबक सिखाने के लिए कई बार उसके हाथ पर मारा, उसने गुस्से में  यह भी नहीं देखा की उसके हाथ में एक लोहे का भारी रिंच पाना है ।

 

बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, मल्टीपल फ्रेक्चर के कारण बच्चे की सभी उंगलियां चली गईं। जब बच्चे ने अपने पिता को देखा…..

 

दर्दनाक आँखों से अपने पापा से उसने पूछा, 'पिताजी मेरी उंगलियां कब वापस बढ़ेंगी?' वह आदमी अपने मासूम बच्चे की अंगुलिया और उसके दर्द को देखकर बहुत आहत और दुखी महसूस कर रहा था

 

वह वापस अपनी कार के पास गया और उसने अपनी कार पर कई बार लात मारी। अपनी हरकतों से हतप्रभ…….उस कार के सामने बैठे उसने खरोंचों को देखा; बच्चे ने लिखा था

 

I Love You Papa”

 

"क्रोध और प्रेम की कोई सीमा नहीं होती है, एक अच्छा और सुंदर जीवन जीने के लिए प्यार को चुने... हमे चीजों का उपयोग करना है और लोगों को प्यार करना है।

 

लेकिन आज की दुनिया में समस्या यह है कि, लोगों का उपयोग किया जाता है और चीजों को प्यार किया जाता है ... आइए इस विचार को ध्यान में रखे और कसम खाए की हमे हमेशा चीजों का उपयोग करना है और लोगों को प्यार करना है।

 

अपने विचार देखें, वे शब्द बन जाते हैं। ज़ुबान संभाल के, वे क्रिया बन जाते हैं। अपने कार्यों को देखें, वे आदत बन जाते हैं। अपनी आदतों को देखो, वे चरित्र बन जाते हैं, अपने चरित्र को देखो, यह तुम्हारा भाग्य बन जाता है।"

 

True Sad Love Stories With Moral In Hindi [ लव स्टोरी ]

 

 

अधुरा प्यार | True Sad Love Stories With Moral In Hindi | लव स्टोरी | Hindi Kahaniya

 

मेरा नाम योगेश है और मैं बीकानेर राजस्थान से हूँ, मैं दो साल से एक लड़की से प्यार करता हूं। जब मैं हाई स्कूल में था तब मैं उससे मिला था। यह पहली नजर का प्यार था। उस वक़्त मैं अपनी आँखें उससे नहीं हटा सका। लेकिन मैंने उसके लिए अपनी भावनाओं को छुपाया, क्योंकि उसका पहले से एक बॉय फ्रेंड था और मुझे वे एक दुसरे के प्यार में पागल लग रहे थे। लेकिन मैं उसे दूर से ही प्यार करता रहा और कुछ समय बाद मैं उसका अच्छा दोस्त बन गया । बाद में मुझे पता चला कि वह जानती थी कि मैं उससे प्यार करता हूं और उसे पसंद करता हूँ ।

 

जब भी मैं उसके साथ कुछ समय गुजारता था तो मुझे बहुत खुशी होती थी। कुछ महीनों के बाद मुझे पता चला कि वह और उसके प्रेमी में लगातार झगडे हो रहे हैं। इस कारण वह खूब रोती थीं।

 

मैं हमेशा उसके साथ एक अच्छे दोस्त की तरह रहा और उसे अपनी तरफ से पूरी तरह से दिलासा दिया। और भगवान जानता है कि मैंने कभी इसे एक अवसर के रूप में लेने की कोशिश नहीं की और ना ही उन्हें अलग करने की कोशिश की।

 

एक बार उनका किसी बात पर बहुत बड़ा झगड़ा हुआ और कुछ दिनों बाद उनका ब्रेकअप हो गया। वह सचमुच बहुत परेशान हो गई और बहुत रोई। एक महीने के बाद जब हम मिले तो उसने मुझे खुद ही प्रपोज किया !

 

हालाँकि मैं उसे प्रपोज करने वाला ही था, मुझे सही समय नहीं मिला। मैंने तुरंत उसके लिए अपनी फीलिंग्स को उसके साथ शेयर किया। और आखिर में हम अच्छे कपल बन गए।

 

लगभग एक साल तक यह सब अच्छा रहा और वे मेरे जीवन के सुनहरे दिन थे, लेकिन जीवन में हमेशा खुशियाँ नहीं रहती है । उसका पुराना बॉय फ्रेंड वापस आया और उसे अपने जीवन में वापस लाना चाहता था। लेकिन उसने उसे मना कर दिया ।

 

लेकिन उसके बाद उसने मुझ से अलग व्यवहार करना शुरू कर दिया, वह मुझसे बहुत ज्यादा बात नहीं करती । और एक दिन वह मेरे पास आई और कहा कि मुझे दुःख है, लेकिन अब हमारा प्यार में और आगे नहीं बढ़ा सकती हूँ।

 

मैंने मन ही मन सोचा की अब उसका मेरे साथ रहना गलत होगा, जब उसका दिल अपने एक्स के बारे में सोच रहा हो।

 

जब उसने कहा कि मेरा तुम्हारे साथ रहना उचित नहीं होगा। मैंने उससे कुछ नहीं कहा, लेकिन मेरी पूरी जिंदगी बिखर गई। आजकल मेरा कुछ भी करने का मन नहीं करता है। मैंने सुना है कि वह और उसका प्रेमी ठीक-ठाक चल रहे हैं। और मुझे लगता है कि मैं उदासी के सागर में तैर रहा हूँ ...आपको क्या लगता है मुझे क्या करना चाहिए कमेंट करके जरुर बताये ....

 

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माँ का प्यार | True Sad Love Stories With Moral In Hindi | लव स्टोरी | Hindi Kahaniya

 

अपने पिता की मृत्यु के बाद, एक बेटे ने अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ने का फैसला किया और अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ आया  और हर महीने अपनी माँ से मिलने जाने लगा।

 

एक दिन उसके पास वृद्धाश्रम से फोन आया, वृद्धाश्रम वालों ने उससे कहा की आपकी माँ बहुत गंभीर है कृपया मिलने आएं।

 

बेटे ने जाकर देखा कि, उसकी माँ मरणासन्न स्थिति में है।

 

उसने पूछा, माँ मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूँ ?

 

माँ ने उत्तर दियाबेटा कृपया वृद्धाश्रम में पंखे लगवा दो और खाने को ताजा रखने के लिए एक फ्रिज भी रख दो क्योंकि मैं कई बार बिना खाना खाए ही सो जाती थी।

 

बेटे ने हैरान होकर पूछा “माँ, जब तुम यहाँ थी तो तुमने कभी शिकायत नहीं की, अब तुम्हारे पास कुछ घंटे बचे हैं और तुम मुझे यह सब बता रही हो, ऐसा क्यों ?

 

माँ ने जवाब दिया “बेटा, मैंने गर्मी, भूख और दर्द को बर्दास्त कर लिया, लेकिन जब तुम्हारे बच्चे तुम को यहाँ भेजेंगे, तो मुझे डर है कि तुम गर्मी, भूख और दर्द को बर्दास्त नहीं कर सकोगे !

 

शिक्षा :- अगर आपके माता-पिता आपको चलना सिखा सकते हैं, तो आप उनके बुढ़ापे में उन्हें चलने में मदद क्यों नहीं कर सकते, अगर वो आपको खुशियाँ देने के लिए जी सकते है तो आप उनके शेष जीवन को खुशियों से क्यू नहीं भर सकते हैं

 

True Sad Love Stories With Moral In Hindi [ लव स्टोरी ]

 

अपना कर्म अच्छे से करो | True Sad Love Stories With Moral In Hindi | लव स्टोरी | Hindi Kahaniya

 

एक लड़का और एक लड़की साथ खेल रहे थे। लड़के के पास खूब सारे कंचे थे और लड़की के पास कुछ मिठाइयाँ थी ।

 

लड़के ने लड़की से कहा कि, वह उसे मिठाई के बदले अपने सारे कंचे दे देगा। लड़की मान गई।

 

लड़के ने सबसे बड़े और सबसे सुंदर संगमरमर के कंचे को एक तरफ छुपा दिया और बाकी कंचे लड़की को दे दिये ।

 

लड़की ने वादे के मुताबिक उसे अपनी सारी मिठाइयाँ दीं। उस दिन लड़की उन कंचो के उसके पास होने की वजह से बहुत खुश थी और  चैन की नींद सो गई।

 

लेकिन लड़का सो नहीं सका क्योंकि वह सोचता रहा कि क्या लड़की ने उससे कुछ मिठाइयाँ छिपाई हैं जैसे उसने अपना सबसे अच्छा संगमरमर वाला कंचा छिपाया था।

 

कहानी की नैतिक शिक्षा :- यदि आप किसी रिश्ते में अपना सौ प्रतिशत नहीं देते हैं, तो आप हमेशा संदेह करते रहेंगे कि क्या दूसरे व्यक्ति ने अपना सौ प्रतिशत दिया है। यह किसी भी रिश्ते जैसे प्यार, दोस्ती, मालिक, नौकर संबंध आदि सभी के लिए लागू होता है, आप जो कुछ भी करते हैं उसे ईमानदारी से अपना सौ प्रतिशत दें और हमेशा खुश रहे ।

 

 

खाना बर्बाद मत करो | True Sad Love Stories With Moral In Hindi | लव स्टोरी | Hindi Kahaniya

 

एक गाँव में माँ, पिताजी और तीन बच्चों के साथ एक गरीब परिवार रहता था

 

पिताजी कैंसर से पीड़ित थे और एक दिन उनकी मृत्यु हो गई।

 

उसके बाद पड़ोसी उन्हें 3 दिन का खाना दे देते हैं।

 

लेकिन तीसरे दिन के बाद, उनके पास खाने के लिए खाना नहीं था और उस दिन वे सब भूखे सो गए।

 

भूख और गरीबी के कारण एक बच्चा बीमार हो गया

 

मां ने खाने की व्यवस्था करने की कोशिश की लेकिन उन्हें कोई स्रोत नहीं मिला।

 

अगले दिन!

 

बच्चियों ने माँ से कहा "माँ, भाई कब मरेगा?"

 

माँ :- तुम दोनों यह क्या कह रही हो और क्यों ?

 

लड़की : माँ, भाई मरेगा तो खाना मिलेगा, पिछली बार जब पिताजी मरे थे तो लोगो ने हमे दो तीन दिन तक खाना खिलाया था ।

 

छोटी बच्ची के शब्द तीरों की तरह माँ को चुभ गए।

 

लेकिन उसके पास उसके प्रशन का उत्तर देने के लिए शब्द नहीं थे !

 

कहानी की नैतिक शिक्षा :- "खाना बर्बाद मत करो ! जरूरतमंदों को दो ! बहुत सारे गरीब हैं जो आपके बचे हुए खाने का इंतजार कर रहे हैं"

 

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