सुनहरी जादुई मछली और मछुआरा की लालची पत्नी की कहानी

Jadui Machli Aur Machuara ki lalchi patni
जादुई मछली और मछुआरा की लालची पत्नी

 

सुनहरी जादुई मछली और मछुआरा की लालची पत्नी की कहानी

 

एक बार एक मछुआरा था, जो समुद्र के किनारे एक टूटी हुई झोंपड़ी में रहता था और दिन भर मछलियाँ पकड़ता और उन्हें बेचकर अपना घर चलाता था, लेकिन मछुआरा की पत्नी बहुत लालची थी, वो हर रोज मछुआरा से गाली गलोच और लड़ाई झगडा करती और कहती की जाओ, और ज्यादा मछलियाँ पकड़ों और उन्हें बेचकर खूब सारा पैसा मुझे लाकर दो ।

 

मछुआरा अपनी पत्नी के लालच से बहुत परेशान था और दिन भर समुन्द्र के किनारे बेठा रहता और मछलियाँ पकड़ता रहता लेकिन मछुआरा अपनी जरुरत से ज्यादा मछलियां नहीं पकड़ता था ।

 

एक दिन मछुआरा अपनी छड़ी के साथ किनारे पर अपनी नाव में बैठा था और जगमगाती लहरों को देख रहा था, अचानक उसकी नाव पानी में गहराई में चली गयी और जब मछुआरा संभला तो देखा की उसके जाल में एक सुनहरी जादुई मछली फंस गयी है ।

 

मछुआरा कुछ समझता उससे पहले ही उस सुनहरी जादुई मछली ने मछुआरा से कहा, मित्र मुझे जीवन दान दे दो और मुझे समुन्द्र में डाल दो, में एक सुनहरी जादुई मछली हूँ ।

 

जादुई मछली और मछुआरा की लालची पत्नी की कहानी

 

मछुआरे ने कहा ‘’अरे हाँ मुझे इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। मुझे आपसे कोई लेना-देना नहीं है, आप बात कर सकती है इसलिए आप जाइए और समुन्द्र में तेरिये यह कहते हुवे मछुआरे ने सुनहरी जादुई मछली को समुन्द्र में डाल दिया ।

 

जब शाम को मछुआरा अपने घर अपनी पत्नी के पास गया तो मछुआरे ने अपनी पत्नी को बताया कि आज उसने एक सुनहरी जादुई मछली पकड़ी थी लेकिन वो उसके किसी काम की नहीं थी इसलिए उसे वापस समुन्द्र में छोड़ दिया ।

 

यह सुनकर मछुआरे की लालची पत्नी ने कहा ‘’अरे मुर्ख इन्सान ईश्वर ने तुम्हे रुपये कमाने का एक अवसर दिया था और तुमने उसे भी खो दिया’’ तुम उस सुनहरी जादुई मछली से जो कुछ भी मांगते वो तुम्हे अपने प्राणों को बचाने के बदले में दे देती’’

 

अब अभी के अभी जाओ और उस सुनहरी जादुई मछली को खोजो और उससे उपहार स्वरूप एक छोटी सी झोपड़ी मांगो ।

 

मछुआरे को अपनी पत्नी की बात बिलकुल भी अच्छी नहीं लगी लेकिन वो जानता था की अगर वह अभी नहीं जायेगा तो उसकी पत्नी रात भर उसे सोने नहीं देगी और झगडा करेगी इसलिए मछुआरा समुद्र के किनारे पर चला गया और समुन्द्र के किनारे पर खड़ा होकर जोर से चिल्लाया ।

 

हे समुद्र की सुनहरी जादुई मछली !

क्या तुम मुझे सुन सकती हो !

मेरी पत्नी ने मुझे तुम्हारे प्राण बचाने के बदले में उपहार मांगने के लिए भेजा है !

 

तभी सुनहरी जादुई मछली मछुआरे के पास तैर कर आई और बोली, "अच्छा, तुम्हारी पत्नी की इच्छा क्या है ?

 

मछुआरे ने कहा "वह कहती है कि जब मैंने तुम्हें पकड़ा था, तो मुझे तुम्हारे प्राण बचाने के बदले में तुमसे कुछ माँगना चाहिए था इसलिए उसने मुझे कहा है की में तुमसे एक छोटी सी झोपड़ी मांगू ।

 

सुनहरी जादुई मछली ने कहा "घर जाओ मछुआरे" तुम्हारी पत्नी की इच्छा पूरी हो चुकी है ! लेकिन याद रखना में तुम्हारी पत्नी की 3 इच्छाए ही पूरी कर सकती हूँ और अंतिम इच्छा तुम्हारा वर्तमान होगा, मछुआरा अपने घर गया और अपनी पत्नी को एक अच्छी झोपड़ी के दरवाजे पर खड़ा देखा।

 

मछुआरे की पत्नी ने मछुआरे को झोपडी के अन्दर बुलाया और कहा देखो मेरी बात मानने का परिणाम "क्या यह हमारी टूटी हुई झोपडी से अच्छी नहीं है देखो इस झोपडी में एक बेडरूम और एक रसोई घर भी है और झोपड़ी के पीछे एक छोटा सा बगीचा भी है जिसमें सभी तरह के फूल और फल लगे है और पीछे एक आँगन भी है जो बत्तखों और मुर्गियों से भरा हुआ है। यह सब देख कर मछुआरे ने कहा, "ठीक है अब हम खुशी से रहेंगे तुम्हारी इच्छा पूरी हो चुकी है !

 

जादुई मछली और मछुआरा की लालची पत्नी की कहानी

 

दो तीन सप्ताह तक तो सब कुछ सही चला फिर मछुआरे की पत्नी ने मछुआरे से कहा, "स्वामी, इस झोपड़ी में हमारे लिए पर्याप्त जगह नहीं है और आंगन और बगीचा बहुत छोटा है। घास की झोपडी में बरसात का पानी आता है मुझे एक बड़ा पत्थर का महल रहने के लिए चाहिए। तुम फिर से सुनहरी जादुई मछली के पास जाओ और उससे कहो कि हमें एक महल दे दो। "

 

मछुआरे ने अपनी लालची पत्नी से कहा, "मुझे फिर से सुनहरी जादुई मछली के पास कुछ मांगने के लिए जाना अच्छा नहीं लग रहा है, हमारे पास बहुत ही सुन्दर झोपडी है हमे इसी में खुश रहना चाहिए ।

 

मछुआरे की पत्नी ने कहा, बकवास मत करो और मेरा कहना मानो और जाओ और कोशिश करो !

 

मछुआरा चला गया, लेकिन वह दिल से बहुत ही दुखी था और जब वह समुद्र की किनारे पहुंचा तो मछुआरा समुन्द्र के किनारे पर खड़ा होकर जोर से चिल्लाया ।

 

हे समुद्र की सुनहरी जादुई मछली !

क्या तुम मुझे सुन सकती हो !

मेरी पत्नी ने मुझे तुम्हारे प्राण बचाने के बदले में उपहार मांगने के लिए भेजा है !

 

तभी सुनहरी जादुई मछली मछुआरे के पास तैर कर आई और बोली, "अच्छा, तुम्हारी पत्नी की इच्छा क्या है ?

 

मछुआरे ने कहा "वह कहती है कि जब मैंने तुम्हें पकड़ा था, तो मुझे तुम्हारे प्राण बचाने के बदले में तुमसे कुछ माँगना चाहिए था इसलिए उसने मुझे कहा है की में तुमसे एक पत्थर का महल मांगू ।

 

सुनहरी जादुई मछली ने कहा "घर जाओ मछुआरे" तुम्हारी पत्नी की दूसरी इच्छा पूरी हो चुकी है ! लेकिन याद रखना में तुम्हारी पत्नी की 3 इच्छाए ही पूरी कर सकती हूँ, मछुआरा अपने घर गया और अपनी पत्नी को एक महल के दरवाजे पर खड़ा देखा।

 

मछुआरे की पत्नी ने मछुआरे से कहा, "देखो यह कितना भव्य है" वे महल में एक साथ गए और वहाँ उन्हें बहुत से नौकर मिले, और बहुत सारे कमरे सभी बड़े पैमाने पर सुसज्जित थे और सुनहरे रंग की कुर्सियों से भरे हुए थे। महल के पीछे एक बगीचा था, और उसके चारों ओर एक आधा मील लंबा एक पार्क था, जिसमें भेड़, बकरी, खरगोश और हिरण भरे थे और आंगन में अस्तबल और गाय के घर थे।

 

जादुई मछली और मछुआरा की लालची पत्नी की कहानी

 

यह सब देख कर मछुआरे ने कहा, "ठीक है अब हम खुशी से रहेंगे तुम्हारी इच्छा पूरी हो चुकी है !

 

दो तीन सप्ताह तक तो सब कुछ सही चला फिर मछुआरे की पत्नी ने मछुआरे से कहा, "स्वामी, इस महल में हमारा रहना व्यर्थ है क्योंकि महलों में तो केवल राजा रहते है । तुम फिर से सुनहरी जादुई मछली के पास जाओ और उससे कहो कि मुझे राजा बना दे। "

 

मछुआरे ने अपनी लालची पत्नी से कहा, "मुझे फिर से सुनहरी जादुई मछली के पास कुछ मांगने के लिए जाना अच्छा नहीं लग रहा है, हमारे पास बहुत ही सुन्दर महल और जरुरत का सब कुछ है तुम्हे लालच नहीं करना चाहिए हमे इसी में खुश रहना चाहिए ।

 

मछुआरे की पत्नी ने कहा, बकवास मत करो और मेरा कहना मानो और जाओ और कोशिश करो !

 

मछुआरा चला गया, लेकिन वह दिल से बहुत ही दुखी था और जब वह समुद्र की किनारे पहुंचा तो मछुआरा समुन्द्र के किनारे पर खड़ा होकर जोर से चिल्लाया ।

 

हे समुद्र की सुनहरी जादुई मछली !

क्या तुम मुझे सुन सकती हो !

मेरी पत्नी ने मुझे तुम्हारे प्राण बचाने के बदले में फिर उपहार मांगने के लिए भेजा है !

 

तभी सुनहरी जादुई मछली मछुआरे के पास तैर कर आई और बोली, "अच्छा, तुम्हारी पत्नी की इच्छा क्या है ?

 

मछुआरे ने कहा "वह कहती है कि जब मैंने तुम्हें पकड़ा था, तो मुझे तुम्हारे प्राण बचाने के बदले में तुमसे कुछ माँगना चाहिए था इसलिए उसने मुझे कहा है की तुम उसे राजा बना दो ।

 

सुनहरी जादुई मछली ने कहा "घर जाओ मछुआरे" तुम्हारी पत्नी की तीसरी इच्छा पूरी हो चुकी है ! मछुआरा अपने घर गया और अपनी पत्नी को एक टूटी हुई झोपडी के दरवाजे पर खड़ा देखा।

 

मछुआरा ने अपनी पत्नी को बताया की तुम्हारी केवल तीन इच्छाए ही पूरी हो सकती थी और तीसरी इच्छा तुम्हारा वर्तमान था हमे केवल दो इच्छाए ही करनी चाहिए थी तुम्हारे लालच की वजह से तुमने सब कुछ खो दिया ।

 

शिक्षा :- लालच बुरी बला है ।

 

 

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