इंश्योरेंस प्लान का मतलब क्या है | हिंदी कहानी

इंश्योरेंस प्लान का मतलब क्या है | हिंदी कहानी

 

इंश्योरेंस प्लान का मतलब क्या है | हिंदी कहानी

 

आज की कहानी दो दोस्तों की कहानी है इन दोस्तों के एक फैसले से उनके पत्नी और बच्चों का जीवन बदल गया, दोस्तों इस कहानी में, में आपको इंश्योरेंस प्लान का हिंदी भाषा में मतलब क्या है नहीं बता रहा हूँ यह एक इंश्योरेंस से जुडी कहानी है जो आपके साथ बाँटना चाहता हूँ, तो चलिए पढ़ते है

 

यह कहानी दो दोस्तों रवि और सुनील की कहानी है रवि और सुनील एक ही मोहल्ले में रहते थे और उन्होंने अपनी पढाई भी साथ साथ की थी दोनों बहुत ही मेहनती थे दोनों के हमेशा अच्छे नंबर आते थे और इनमे कोई बुरी आदत नहीं थी, दोनों दोस्त बड़े होकर खुद के एक कंपनी बनाना चाहते थे, मोहल्ले के लोग कहते थे की रवि और सुनील एक दिन बहुत कामयाब होंगे

 

दोनों दोस्तों ने इंजीनियरिंग की पढाई ख़त्म की और नौकरी की तलाश में थे और अंतत उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी मिल गयी अब उनकी उम्र भी विवाह योग्य हो गयी थी इसी के चलते उनके घर वालों ने उनकी शादी कर दी

 

उनकी प्राइवेट कंपनी की नौकरी से उनका घर तो चल रहा था लेकिन उनके सपने पुरे नहीं हो रहे थे

 

इंश्योरेंस प्लान का मतलब क्या है | हिंदी कहानी

 

एक दिन शाम को दोनों दोस्त पार्क में बेठे बाते कर रहे थे तभी रवि ने सुनील से कहा की मैंने कल मेरे मोबाइल पर कुछ इंश्योरेंस प्लान और पालिसी के बारे में पढ़ा और मुझे लगता है हमे भी कोई ना कोई इंश्योरेंस प्लान ले लेना चाहिए

 

तब सुनील ने कहा, भाई तू अभी किन चक्करों में पड़ रहा है अभी तो हमारी सैलरी भी कितनी कम है अभी इंश्योरेंस प्लान के प्रीमियम कैसे भरेंगे

 

सारी सैलरी तो घर के खर्च में ही चली जाती है और चिंता क्यों करता है अभी तो हमने जीवन शुरू किया है अभी तो खूब रुपया कमाएंगे, घर बनायेंगे, कार खरीदेंगे, अपनी दोनों की कंपनी शुरू करेंगे, इसलिए अभी तो हमे सिर्फ और सिर्फ रुपया बचाने पर ध्यान देना चाहिए, हम कौनसे कल मर रहे है

 

रवि ने कहा, दोस्त जीवन का क्या भरोसा है आज कल तो बड़ी बड़ी इंश्योरेंस प्लान बहुत ही सस्ते में मिल जाते है सैलरी में से अगर 500 से 1000 रूपये इंश्योरेंस प्लान के लिए निकाल लेंगे तो क्या फर्क पड़ेगा और अभी तो हमारे बच्चे भी छोटे है तो बच्चों का ज्यादा खर्च नहीं है

 

इंश्योरेंस प्लान का मतलब क्या है | हिंदी कहानी

 

लेकिन सुनील ने रवि की बात नहीं मानी और इंश्योरेंस प्लान लेने के लिए मना कर दिया, लेकिन रवि ने उसी दिन रात को अपने मोबाइल पर ही एक इंश्योरेंस प्लान सर्च किया और इंश्योरेंस प्लान ले लिया

 

रवि और सुनील दोनों अपनी खुद की एक कंपनी खोलना चाहते थे इसलिए दोनों खूब मेहनत करते थे इसी के चलते उन्हें उनकी कंपनी ने उनके अच्छे काम और मेहनत को देखते हुए शिमला का एक फ्री टूर गिफ्ट किया जिसमे शिमला में रहने खाने और शिमला आने जाने का किराया आदि उन्हें दिया गया

 

दोनों दोस्त बहुत खुश थे दोनों शिमला घुमने के लिए बहुत उत्सुक थे और शाम को एक कार बुक की और शिमला घुमने के लिए निकल गये, दोनों बहुत ही सुरक्षित रूप से शिमला जा रहे थे तभी अचानक हाईवे पर एक जंगली भेंसा भागता हुआ उनकी कार के आगे आ गया, और उनकी कार भेंसे से टकराकर पलट गयी और एक्सीडेंट हो गया

 

दोनों दोस्त की हालत गंभीर थी, दोनों को लोगो ने नजदीकी अस्पताल के भर्ती करवाया, लेकिन इश्वर ने सुनील की जिन्दगी इतनी ही लिखी थी, सुनील ने दम तोड़ दिया, और रवि दो दिन तक जीवन और मौत का संघर्ष करता रहा लेकिन आख़िरकार रवि ने भी दम तोड़ दिया

 

इंश्योरेंस प्लान का मतलब क्या है | हिंदी कहानी

 

कुछ दिनों के बाद रवि और सुनील के पत्नी बच्चों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया दोनों के बच्चे अभी बहुत छोटे थे और पत्नियाँ भी ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं थी और ना ही कभी घर से बाहर कोई काम किया था

 

कुछ दिन बाद रवि की पत्नी को रवि की अलमारी से एक इंश्योरेंस प्लान का बांड मिला तब रवि की पत्नी ने इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क किया और इंश्योरेंस कंपनी को रवि की मौत के बारे में बताया तब एक इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट रवि के घर आया और रवि की पत्नी को बताया की उसके पति ने डेथ इंश्योरेंस प्लान ले रखा था और अब उन्हें 70 लाख रूपये मिल जायेंगे

 

यह खबर सुनकर रवि की पत्नी ने सोचा की अब उसके बच्चों को स्कूल छोडना नहीं पड़ेगा और उसे भी लोगो के घरों में बर्तन झाड़ू नहीं करने पड़ेंगे

 

वही दूसरी और सुनील की पत्नी लोगो के घरों में बर्तन मांझ कर अपना और अपने बच्चों का पेट भर रही थी और सुनील के बच्चों की स्कूल भी छुट चुकी थी, सुनील के घर की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी थी

 

दोस्तों इस प्रकार रवि के एक छोटे से फैसले से रवि के पत्नी बच्चे आज भी अच्छे से जीवन गुजर कर रहे है जबकि सुनील की पत्नी और बच्चों का बहुत बुरा हाल था

 

इसलिए दोस्तों आज के भाग दौड़ भरे जीवन में कब क्या हो जाए, कोई पता नहीं है इसलिए मेरी सलाह है की आप भी अपनी बचत अनुसार कोई भी एक इंश्योरेंस प्लान जरुर ले, पता नहीं कब क्या हो जाए ...........

 

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